गांधार शैली का अधिकतम विकास कनिष्‍क के काल में माना जाता है । यद्यपि गांधार निर्माण शैली यूनानी थी लेकिन इसकी आत्‍मा भारतीय थी । बौद्ध धार्मिक भावनाओं तथा विश्‍वासों की यूनानी ढंग से अभिव्‍यक्ति करने वाली इन मूर्तियों का सबसे बड़ा संग्रह मुंबई में है ।