बौद्ध साहित्‍य में दीर्घ निकाय एक बेहद अहम् ग्रंथ है । इसमें 3 वर्गों में ब्रहमजाल आदि 34 सुत्‍तन्‍तों का संगम है । बौद्ध ग्रंथ सुत्‍त पिटक वास्‍तव में निकायों में विभक्‍त है । दीर्घनिकाय इन्‍हीं पांच निकायों में से एक है ।